अंगारों पर चलकर लिखी सफलता की इबारत
राज्य पैरा एथलेटिक्स में गरियाबंद के जितेन्द्र साहू ने गाड़ा झंडा
एक स्वर्ण व दो रजत पदक जीतकर बढ़ाया जिले और प्रदेश का मान

गरियाबंद/रायपुर।
रायपुर के जोरा स्थित आईजीकेवी (IGKV) मैदान में आयोजित 16वीं छत्तीसगढ़ राज्य पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गरियाबंद के होनहार खिलाड़ी जितेन्द्र कुमार साहू ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए यह साबित कर दिया कि सफलता शारीरिक सामर्थ्य से नहीं, बल्कि अटूट इच्छाशक्ति से हासिल होती है।
एक भीषण सड़क हादसे के बाद आई शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए जितेन्द्र ने मैदान पर ऐसा जज्बा दिखाया कि पूरा प्रदेश गर्व से भर उठा।

विजयी प्रदर्शन: मेहनत की चमक
प्रतियोगिता के दौरान जितेन्द्र का आत्मविश्वास और संयम देखते ही बनता था। उन्होंने तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया—
गोला फेंक (Shot Put): 🥇 स्वर्ण पदक (प्रदेश में प्रथम स्थान)
चक्का फेंक (Discus Throw): 🥈 रजत पदक
100 मीटर दौड़: 🥈 रजत पदक

हादसे को बनाया हौसले की ताकत
सड़क दुर्घटना ने शरीर को जरूर चुनौती दी, लेकिन जितेन्द्र के हौसले कभी नहीं टूटे। उन्होंने यह साबित कर दिखाया कि परिस्थितियाँ रास्ता नहीं रोकतीं, बल्कि संघर्ष से नया रास्ता बनता है।
खेल के साथ-साथ जितेन्द्र नेशनल स्तर के आर्म रेसलर (पंजा कुश्ती) भी हैं और एक प्रतिभाशाली गायक के रूप में भी अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।
“माता-पिता का आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी जीत है”
अपनी सफलता का श्रेय देते हुए जितेन्द्र भावुक हो उठते हैं। वे कहते हैं—
“हादसे के बाद जब लोग मुझमें कमजोरी देखने लगे थे, तब मेरे माता-पिता ने मुझ पर सबसे ज्यादा भरोसा किया। उन्होंने मुझे कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया। पिता का संबल और माँ की दुआओं ने मुझे दोबारा खड़ा किया। आज जो पदक मेरे गले में हैं, वे मेरी मेहनत से ज्यादा मेरे माता-पिता के त्याग, धैर्य और विश्वास की जीत हैं।”

राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण का लक्ष्य
अब जितेन्द्र का अगला लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर अपने माता-पिता, गरियाबंद जिले और छत्तीसगढ़ का नाम देशभर में रोशन करना है।
