गीता ज्ञान से ही भारत भूमि में देवी संस्कृति का प्रादूर्भाव होता है – ब्रह्माकुमारी भारती दीदी

एम के बाहरा में श्रीमद् भगवत कथा में पहुंचे सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश
खल्लारी – आत्मा एक शाश्वत, अभौतिक प्रकाश बिंदु है और परमात्मा निराकार प्रकाश स्वरूप ज्योतिर्बिंदु, सुप्रीम सोल हैं जो सभी आत्माओं के परम पिता है। परम-आत्मा है, परमात्मा जन्म- मरण के चक्र से परे अकर्ता हैं, जो कलयुग के अंत में पतित-पावन के रूप में आकर दिव्य गुणों का ज्ञान देते हैं।वे सदा शिव है।
महासमुंद जिले के एम के बाहरा में ब्रह्मकुमारीज द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद् भगवत गीता ज्ञान यज्ञ में कथा के तीसरे दिन योग शक्ति ब्रह्माकुमारी भारती दीदी ने व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को उक्त बाते कही। ब्रह्मकुमारीज दीदी ने श्रीमद् भगवत कथा में आत्मा व परमात्मा का परिचय देते हुए बताई कि आत्मा एक चेतन, दिव्य प्रकाश बिंदु है, जो देह (शरीर) की मालिक है। आत्मा अमर, अजर, अविनाशी है, जिसे न शस्त्र काट सकते हैं और न अग्नि जला सकती है। आत्मा के निजी संस्कार शांति, आनंद, पवित्रता और प्रेम हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा (God) परमात्मा सर्वोच्च आत्मा (Supreme Soul) हैं, जो निराकार, ज्योतिर्बिंदु हैं। उन्हें ‘शिव’ (कल्याणकारी) कहा जाता है, न कि वह मानव देहधारी (जैसे श्री कृष्ण) हैं। परमात्मा सभी आत्माओं के पिता हैं, जो जन्म और मृत्यु के चक्र में नहीं आते। दीदी ने परमात्मा के साथ हमारा संबंध पिता और पुत्र बताते हुए कहा कि परमात्मा सर्व आत्माओं के पिता हैं। जो दुखी संसार में आकर सुख-शांति का अविनाशी वर्षा देते हैं। वे पतित-पावन हैं, जो कलयुग के अंत में बिगड़ी को बनाने आते हैं।उन्होंने मुख्य बात कहे कि गीता का ज्ञान देने वाले वास्तव में परमपिता परमात्मा शिव हैं, न कि श्री कृष्ण। वे ही पतित मनुष्य से देवता बनने का ज्ञान देते हैं। दीदी ने श्रीमद् भगवत गीता, रामायण और महाभारत का व्याख्यान करते हुए परमात्मा का सत्य परिचय ,उसके निज धाम,दिव्य कर्तव्य एवं समय की पहचान देते हुए कहा कि कलियुग के अंत और सतयुग के आदि के संगम अर्थात बीच में अवतरित होते है ,वह ब्रह्मा तन के माध्यम से कलयुगी पतित साधारण मनुष्य आत्माओं को गीता ज्ञान देकर दिव्य बुद्धि और पवित्रता प्रदान कर नर से नारायण बनाकर स्वर्ग की स्थापना करते है। यही गीता ज्ञान से ही भारत भूमि में देवी संस्कृति का प्रादूर्भाव होता है। कथा श्रवण करने जयप्रकाश साहू जिलाध्यक्ष सहकारी समिति कर्मचारी संघ, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधी लोकेश पनुरिया मण्डल अध्यक्ष बीजेपी खल्लारी, भेख लाल पटेल, खिलावन पटेल, भूखन पटेल पूर्व सरपंच, कमल साहू पूर्व सरपंच पुन्ना लाल, प्रजापति सचिव बुधारू ध्रुव, ढेलू चंद्राकर, देवचरण पटेल,सत्यवती सिन्हा पीनीता साहू लक्ष्मी पटेल प्रधानाचार्य प्रेमलाल साहू ,ओम प्रकाश साहू नीलकंठ पटेल शंकर चंद्राकर थनेश साहू ओमकार ध्रुव, नंदा साह, भानुप्रिया पाटकर भरत दास वैष्णव, ढ़ेलू चंद्राकर, संतराम पटेल, चम्पा लाल पटेल भूखन पटेल सहित ग्राम वासी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। इस दौरान कटनी मध्यप्रदेश से श्रीमद् भगवत कथा कहने पहुंची कथा वाचिका राज योगिनी ब्रह्माकुमारी भारती दीदी जी की जन्म दिवस पर आयोजक समिति, ब्रह्मकुमारीज गीतपाठशाला के सदस्यों ने केक कटिंग किए, ग्राम प्रमुखो,दूर दराज से पहुंचे संस्थान के सदस्यों एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियो ने जन्म दिन की शुभकामनाएं व्यक्त किये।