सीता-राम विवाह व अहिल्या उद्धार की कथा से भावविभोर हुए श्रद्धालु

आरंग। नया रायपुर स्थित ग्राम पलौद में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन कथा व्यास पं. बलराम महाराज ने श्रीराम–सीता विवाह महोत्सव एवं अहिल्या उद्धार की मार्मिक कथा का सजीव वर्णन किया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति रस में सराबोर नजर आए।पं. बलराम महाराज ने जनकपुरी में आयोजित स्वयंवर का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार प्रभु श्रीराम ने शिवधनुष भंग कर माता सीता का वरण किया। इस प्रसंग को उन्होंने मर्यादा, विनय और धर्म के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया। विवाह प्रसंग के दौरान कथा पंडाल में मंगल गीतों की गूंज और जय-जयकार से वातावरण भक्तिमय हो गया।इसके पश्चात अहिल्या उद्धार की कथा सुनाते हुए कथा व्यास ने कहा कि प्रभु श्रीराम का स्पर्श मात्र से ही शापग्रस्त अहिल्या का उद्धार हुआ, जो यह दर्शाता है कि प्रभु की कृपा से जीवन में नया प्रकाश आता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
विनोद गुप्ता-आरंग




