Close Menu
Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    What's Hot

    गरीबों के आशियाने उजाड़ने से पहले पुनर्वास क्यों नहीं..?…नकटी में प्रशासन की कार्रवाई पर डॉ. शिवकुमार डहरिया ने उठाये सवाल….

    June 29, 2026

    शिक्षा के क्षेत्र में नया सवेरा-शासकीय प्राथमिक विद्यालय अब होंगे ‘मिशन उत्कर्ष’ की छांव में

    June 28, 2026

    राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान-आरंग ब्लॉक में 90 प्रतिशत बच्चो को पिलाई गई पल्स पोलियो की ड्राप-कल से घर घर जा कर पिलाई जायेगी दवा….

    June 28, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, June 29
    • बड़ी खबर
    • देश-विदेश
    • छत्तीसगढ़
    • महासमुंद
    • मोर किस्सा कहानी
    • राजनीति
    • आप की खबर
    • क्राइम
    • छग जनसंपर्क विभाग
    • अन्य
      • बॉलीवुड
      • क्रिकेट
      • स्वास्थ्य
      • जॉब-एजुकेशन
      • लाइफस्टाइल
      • योजनाएं
    Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    Home»Blog»विशेष-गांवों की अर्थव्यवस्था को फिर से मिलनी चाहिए मजबूती-समाज फिर से अपने संस्कारों को याद कर गौठान व गौवंश संरक्षण में निभाए सक्रिय भूमिका
    Blog

    विशेष-गांवों की अर्थव्यवस्था को फिर से मिलनी चाहिए मजबूती-समाज फिर से अपने संस्कारों को याद कर गौठान व गौवंश संरक्षण में निभाए सक्रिय भूमिका

    Vinod GuptaBy Vinod GuptaDecember 1, 2025
    Share Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    विशेष-गांवों की अर्थव्यवस्था को फिर से मिलनी चाहिए मजबूती-समाज फिर से अपने संस्कारों को याद कर गौठान व गौवंश संरक्षण में निभाए सक्रिय भूमिका

    Oplus_131072

    आरंग।गांवों की पहचान केवल खेत-खार और तालाबों से नहीं होती, बल्कि उन व्यवस्थाओं से होती है जो ग्रामीण जीवन की रीढ़ बनती हैं। ऐसी ही एक मजबूत व्यवस्था है गौठान। यह सिर्फ संरचना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धड़कन हैं। बीते वर्षों में इनकी उपेक्षा ने गांवों की पारंपरिक प्रणाली को कमजोर किया है, पर अब समय आ गया है कि इनकी धड़कन को फिर तेज किया जाए।उल्लेखनीय हो कि हर गांव में कम से कम 2 -3 एकड़ अधिकतम 8-10 एकड़ भूमि गौठान के नाम दर्ज है। लेकिन इन जमीनों को सुरक्षित रखना ग्राम पंचायतों के लिए आसान नहीं है। कई जगह चारागाह, तालाब व पंचायत की भूमि तक अतिक्रमण की चपेट में है। ऐसे में गौठान के क्रियान्वयन का रास्ता और कठिन होता जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि जमीन ही सुरक्षित नहीं, तो गौठान योजना स्थायी रूप से कभी सफल नहीं हो सकेगी।गौ संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, पर हकीकत गांवों में जाकर ही समझ आती है। आवारा मवेशियों की समस्या, चारे की कमी और देखरेख की अनियमितता आज भी जस की तस है। ऐसे में किसानों का कहना है कि प्रशासन, पंचायत और समाज तीनों को मिलकर एक ठोस व्यवस्था बनानी होगी।विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि हर किसान साल में सिर्फ एक गाड़ी पैरा गौठान को दे दे, तो चारे की कमी तत्काल दूर हो सकती है।सरकार यदि सोसायटी के माध्यम से धान खरीदी के साथ “अनिवार्य पैरा समर्थन” पर जोर दे, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिल सकता है।दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुपालन को रोजगार से जोड़ने और युवाओं को डेयरी यूनिट के लिए प्रेरित करने जैसे कदम गौठान को फिर से आत्मनिर्भर बना सकते हैं।जब मॉडल गौठान बनते थे तो उम्मीदें बड़ी थीं। पर आज कई मॉडल गौठान सुनसान, जर्जर और गतिविधिहीन दिखते हैं। यह स्थिति सरकार और पंचायत दोनों के लिए चेतावनी है कि यदि निगरानी ढीली रही तो करोड़ों का निवेश बेकार साबित होगा। ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिनिधि गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि लोग इसे अपनी जिम्मेदारी समझें।जन्म-जन्म का नाता है, गाय हमारी माता है।यह भावना केवल नारा नहीं, बल्कि संस्कृति की नींव है। खैराती योजनाओं की लत ने लोगों को अधिकार देना तो सिखाया, पर कर्तव्य भूलने पर मजबूर कर दिया। अब जरूरत है कि समाज फिर से अपने संस्कारों को याद करे और गौठान व गौवंश संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाए।गौठान ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धड़कन हैं, और इन्हें पुनर्जीवित करने का समय यही है।सरकार योजनाएं दे, जनप्रतिनिधि जिम्मेदारी निभाएं और जनता सहभागी बने तभी एक नया, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ आकार ले सकेगा।
    विनोद गुप्ता-आरंग

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Vinod Gupta

    Related Posts

    गरीबों के आशियाने उजाड़ने से पहले पुनर्वास क्यों नहीं..?…नकटी में प्रशासन की कार्रवाई पर डॉ. शिवकुमार डहरिया ने उठाये सवाल….

    June 29, 2026

    शिक्षा के क्षेत्र में नया सवेरा-शासकीय प्राथमिक विद्यालय अब होंगे ‘मिशन उत्कर्ष’ की छांव में

    June 28, 2026

    राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान-आरंग ब्लॉक में 90 प्रतिशत बच्चो को पिलाई गई पल्स पोलियो की ड्राप-कल से घर घर जा कर पिलाई जायेगी दवा….

    June 28, 2026
    ज़रूर पढ़ें

    गरीबों के आशियाने उजाड़ने से पहले पुनर्वास क्यों नहीं..?…नकटी में प्रशासन की कार्रवाई पर डॉ. शिवकुमार डहरिया ने उठाये सवाल….

    Vinod GuptaJune 29, 2026100 Views

    गरीबों के आशियाने उजाड़ने से पहले पुनर्वास क्यों नहीं..?…नकटी में प्रशासन की कार्रवाई पर डॉ.…

    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    प्रधान संपादक एवं स्वामी : रेखराम साहू

    मोबाइल न. : 8236012223
    ईमेल : rekhraazmsmd@gmail.com
    वेबसाइट : www.khabarchhattisgarhnews.com

    कार्यालय : बीटीआई रोड पुराना मलेरिया ऑफिस के पास वार्ड नंबर 29, जिला महासमुंद पिन: 493445
    © 2026 ख़बर छत्तीसगढ़ न्यूज़. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.