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वर्दी पर नशे का दाग: सड़क पर नशे में धुत आरक्षक का वीडियो वायरल। जिला अस्पताल परिसर के सामने वर्दी में पड़ा मिला जवान, ऑपरेशन “निश्चय” पर उठे सवाल

वर्दी पर नशे का दाग: सड़क पर नशे में धुत आरक्षक का वीडियो वायरल। जिला अस्पताल परिसर के सामने वर्दी में पड़ा मिला जवान, ऑपरेशन “निश्चय” पर उठे सवाल


महासमुंद।
एक ओर जहां महासमुंद पुलिस जिले में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए “ऑपरेशन निश्चय” के तहत लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाली एक शर्मनाक घटना सामने आई है। वर्दीधारी आरक्षक का नशे की हालत में सड़क किनारे पड़ा होना न केवल विभागीय अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी गहरा आघात पहुंचाता है।
सोमवार को मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल परिसर के सामने एक आरक्षक का शराब के नशे में धुत हालत में सड़क किनारे पड़े होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि आरक्षक वर्दी में है और स्वयं को संभालने की स्थिति में नहीं है।


सुबह 11 बजे की बताई जा रही घटना….
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित आरक्षक का नाम लाल सिंह बाकड़े बताया जा रहा है, जो वर्तमान में खल्लारी थाना में पदस्थ है। सोमवार सुबह करीब 11 बजे वह मेडिकल कॉलेज परिसर की ओर जाने वाले मार्ग पर लड़खड़ाते हुए नजर आया। कुछ ही देर बाद वह सड़क किनारे बैठ गया और फिर पास में लगे एक सब्जी ठेले के सामने लेट गया।


इस दृश्य को देखकर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई और मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और आरक्षक को उठाकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।


नशे के खिलाफ अभियान के बीच शर्मनाक घटना…
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब पुलिस प्रशासन स्वयं नशे के खिलाफ अभियान चलाकर अवैध शराब, गांजा और अन्य मादक पदार्थों के कारोबारियों पर शिकंजा कस रहा है। ऑपरेशन निश्चय के तहत लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियां की जा रही हैं। ऐसे में एक वर्दीधारी जवान का सार्वजनिक स्थान पर नशे की हालत में मिलना अभियान की गंभीरता पर भी सवाल खड़े करता है।
पुलिस को समाज में सुरक्षा, अनुशासन और कानून व्यवस्था का प्रतीक माना जाता है, लेकिन जब रक्षक ही इस तरह की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना हरकत करते नजर आएं, तो आम नागरिकों का विश्वास डगमगाना स्वाभाविक है।


ASP ने माना—छवि हुई धूमिल, होगी कार्रवाई
मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा तिवारी ने बताया कि नशे की हालत में मिला आरक्षक वर्तमान में खल्लारी थाना में पदस्थ है। उन्होंने कहा कि यह कृत्य पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला है और मामले में नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वहीं खल्लारी थाना प्रभारी सचिन गुमाश्ता ने स्पष्ट किया कि आरक्षक लालचंद बागड़े थाने में पदस्थ जरूर है, लेकिन उसकी वर्तमान ड्यूटी राजिम मेला में लगाई गई थी, जिसके लिए वह थाने से रवानगी लेकर जा चुका था।


पहले भी सामने आ चुकी है पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाने वाली घटना…
गौरतलब है कि इससे पहले भी महासमुंद जिले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाली घटना सामने आ चुकी है। करीब 5 जनवरी को महासमुंद रक्षित केंद्र में पदस्थ एक आरक्षक को शिवरीनारायण पुलिस ने गांजा तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया था। आरोपी आरक्षक के पास से करीब साढ़े 15 किलो गांजा, जिसकी कीमत लगभग 7 लाख रुपये आंकी गई थी, जब्त किया गया था।


जनता के भरोसे पर असर…
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं कहीं न कहीं पुलिस विभाग की साख को नुकसान पहुंचा रही हैं। नशे के खिलाफ सख्त संदेश देने वाले विभाग के भीतर ही अनुशासनहीनता और अपराध से जुड़ी घटनाएं सामने आना, व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है और दोषियों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई करता है।

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