महासमुंद शहर में बिना हेलमेट चलाने वालों पर अब कैमरे से कटेगा ई-चालान

महासमुंद, 8 मार्च।
महासमुंद शहर में दोपहिया वाहन चालकों के लिए अब हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। हेलमेट नहीं पहनने वाले वाहन चालकों पर कैमरा आधारित ई-चालान की कार्रवाई शुरू की जा रही है। शहर में लगाए गए कैमरों के माध्यम से आईटीएमएस (ITMS) जैसी व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें एआई टूल्स की मदद से रियल टाइम में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की पहचान की जाएगी।
पिछले एक सप्ताह से इस व्यवस्था का ट्रायल चल रहा था। ट्रायल के दौरान करीब 3700 वाहन चालकों को बिना हेलमेट के वाहन चलाते हुए चिन्हित किया गया, जिसमें लगभग 1100 चालक ऐसे पाए गए जो एक से अधिक बार बिना हेलमेट के वाहन चलाते हुए पकड़े गए। फिलहाल सभी को एक मौका दिया जा रहा है और इसके बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार “जीरो फ्रिक्शन, मैक्सिमम एक्शन” के सिद्धांत पर बिना किसी विवाद के कैमरे के माध्यम से सीधे ई-चालान जारी किया जाएगा। वाहन मालिक के मोबाइल पर चालान का मैसेज और भुगतान की लिंक भेजी जाएगी, जिसके जरिए ऑनलाइन भुगतान किया जा सकेगा। यदि 90 दिनों के भीतर चालान का भुगतान नहीं किया गया तो प्रकरण स्वतः न्यायालय में स्थानांतरित हो जाएगा।
पुलिस विभाग ने बताया कि अप्रैल माह से सरायपाली, बसना और बागबाहरा में भी कैमरा आधारित ई-चालान व्यवस्था शुरू की जाएगी।
दुर्घटनाओं में हेलमेट न पहनना बड़ा कारण
जिला महासमुंद में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। वर्ष 2024 और 2025 में कुल 476 सड़क दुर्घटनाओं में 327 लोगों की मृत्यु हुई, जिसमें से 297 लोगों की मौत हेलमेट नहीं पहनने के कारण सिर में गंभीर चोट लगने से हुई। वहीं वर्ष 2026 के पहले दो महीनों में 37 सड़क दुर्घटनाओं में 24 लोगों की मौत हुई, जिसमें से 20 लोगों की मृत्यु हेलमेट न पहनने के कारण सिर में चोट लगने से हुई।
जिला पुलिस और यातायात पुलिस द्वारा हाट-बाजार, स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, फिर भी शहर में बड़ी संख्या में लोग बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे हैं।
पुलिस की अपील
जिला पुलिस ने शहरवासियों, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें और यातायात नियमों का पालन कर पुलिस की कार्रवाई में सहयोग दें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोका जा सके।