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नन्हे पंखों में बड़ी बात: गौरैया से प्रकृति संरक्षण का संदेश

एक अनोखा भेंट प्रकृति संरक्षण के लिए, गौरैया हमारे धरोहर

खल्लारी। महासमुंद जिला में बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम खम्हारिया निवासी लोकेश सिन्हा ने अपने शादी के शुभ अवसर पर खम्हरिया स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के स्कुलीय बच्चों को बसेरा भेंट किया। वहीं स्कुलीय बच्चों व प्राचार्य, शिक्षक शिक्षिकाओं को गौरया संरक्षण अभियान में विशेष योगदान, सहयोग निभाने को अपील किया। खल्लारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फार्मासिस्ट व दो कदम प्रकृति की ओर समिति के संस्थापक संजय साहू (आमाकोनी) ने बताया की प्रकृति के प्रति जारूकता के उद्देश्य से मिट्टी का बना बसेरा जो कि गौरैया के घोंसला बनाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। चूंकि गौरैया एक ऐसी पक्षी है। जिनको इंसानों के आस – पास ही अपना घोंसला बनाना पसंद हैं। लेकिन समय के साथ मानव अपनी घरों का डिज़ाइन स्वरूप में बदलाव ला रहे है। जिसके फलस्वरूप गौरैया को अब घरों में पहले जैसा पर्याप्त जगह का अभाव हो रहा। इन सभी बातों को ध्यान में रख कर यह मिट्टी का बसेरा भेंट स्वरूप दिया जा रहा हैं। ताकि भविष्य में गौरैया को आवासीय संकट का सामना ना करना पड़े़ और सभी घरों में आसानी से उनको जगह मिल सके। इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य नारायण चौधरी, समस्त स्टाफ व स्कुलीय बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जहां आयोजन को सफल बनाने में दो कदम प्रकृति की ओर समिति आमाकोनी का विशेष सहयोग रहा।बलौदाबाजार से आये रीना सालूजा व पारस साहू को मिट्टी का बना बसेरा किया गया,

टीम दो कदम प्रकृति की ओर द्वारा चलाये जा रहे गौरैया संरक्षण के लिए जागरूकता के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खल्लारी में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक मूल्यांकन के लिए बलौदाबाजार से आये रीना सालूजा व पारस साहू को पक्षीयों के लिए मिट्टी का बना बसेरा खल्लारी स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. दिलीप सतपथी ने भेंट किया गया। वहीं गौरया संरक्षण के बसेरा भेंट करने में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खल्लारी (संस्था) के समस्त स्टाफ का भी सहयोग में विशेष योगदान रहा।

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