Close Menu
Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    What's Hot

    प्रेस वार्ता-आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय-सच्चिदानंद उपासने

    June 25, 2026

    रक्तदान शिविर का आयोजन 28 जून को, हेलमेट और बैग देकर किया जाएगा सम्मानित

    June 25, 2026

    गुरु घासीदास बाबा जी के अपमान पर सख्त हुए गुरु खुशवंत साहेब-कहा सतनामी समाज की आस्था पर चोट बर्दाश्त नहीं-आरोपी हर्ष चंद्राकर गिरफ्तार

    June 24, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, June 25
    • बड़ी खबर
    • देश-विदेश
    • छत्तीसगढ़
    • महासमुंद
    • मोर किस्सा कहानी
    • राजनीति
    • आप की खबर
    • क्राइम
    • छग जनसंपर्क विभाग
    • अन्य
      • बॉलीवुड
      • क्रिकेट
      • स्वास्थ्य
      • जॉब-एजुकेशन
      • लाइफस्टाइल
      • योजनाएं
    Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    Home»Blog»धान कटाई के बाद खेत सूने-फसलों को सुरक्षित करने के हो उपाय नहीं तो एक बड़ा कृषि क्षेत्र पूरी तरह धान पर हो जायेगा निर्भर
    Blog

    धान कटाई के बाद खेत सूने-फसलों को सुरक्षित करने के हो उपाय नहीं तो एक बड़ा कृषि क्षेत्र पूरी तरह धान पर हो जायेगा निर्भर

    Vinod GuptaBy Vinod GuptaDecember 6, 2025
    Share Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    धान कटाई के बाद खेत सूने-फसलों को सुरक्षित करने के हो उपाय नहीं तो एक बड़ा कृषि क्षेत्र पूरी तरह धान पर हो जायेगा निर्भर

    Oplus_131072

    आरंग।धान कटाई पूरी हो चुकी है और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 31 जनवरी को समाप्त होने के बाद खेती-किसानी करने वाले हाथ एक बार फिर खाली बैठे हैं। गांव के किसान चिंतित हैं कि आगे उनके पास कोई ठोस काम नहीं बचा। वह दौर याद करते हैं जब लगभग एक दशक पहले हर खेत में दलहन और तिलहन की लहराती फसलें दिखती थीं चना, मसूर, सरसों जैसी फसलें किसानों को सालभर काम और आमदनी दोनों देती थीं।लेकिन खुले में घूमते पशु धन की चराई ने इन फसलों को धीरे-धीरे खेतों से गायब कर दिया। किसानों ने गांव-गांव में गौठान बनने के बाद बड़ी उम्मीदें पाली थीं कि अब जानवर नियंत्रण में रहेंगे और वे फिर से रबी सीजन में दलहन–तिलहन बो सकेंगे। पर वास्तविकता इसके विपरीत रही गौठान अपेक्षित रूप से सक्रिय नहीं हुए और घुमन्तु पशुओं की समस्या जस की तस बनी रही।किसानों का कहना है कि धान के बाद खेत खाली पड़े हैं, पर सुरक्षा की गारंटी के अभाव में वे आगे फसल बोने का जोखिम नहीं उठा पा रहे। नतीजा यह है कि कृषि आधारित रोजगार ठहर गया है और किसान दिन भर गांव में बेकार घूमने को मजबूर हैं।ग्रामीण अंचल के बुजुर्ग किसान बताते हैं पहले हम धान बेचते ही दूसरी फसल में लग जाते थे। अब घुमन्तु पशुओ के डर से खेत में बीज डालना भी बेकार लगता है।किसान लगातार शासन-प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि गौठानों को पूरी तरह सक्रिय किया जाए।चराई नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए और रबी फसलों को सुरक्षित करने के उपाय किए जाएं। नहीं तो एक बड़ा कृषि क्षेत्र पूरी तरह धान पर निर्भर होकर रह जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ेगा।ग्रामीणों का मानना है सुरक्षा मिले तो खेत फिर लहलहाने लगेंगे उन्हारी की फसलें।

    विनोद गुप्ता-आरंग

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Vinod Gupta

    Related Posts

    प्रेस वार्ता-आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय-सच्चिदानंद उपासने

    June 25, 2026

    रक्तदान शिविर का आयोजन 28 जून को, हेलमेट और बैग देकर किया जाएगा सम्मानित

    June 25, 2026

    गुरु घासीदास बाबा जी के अपमान पर सख्त हुए गुरु खुशवंत साहेब-कहा सतनामी समाज की आस्था पर चोट बर्दाश्त नहीं-आरोपी हर्ष चंद्राकर गिरफ्तार

    June 24, 2026
    ज़रूर पढ़ें

    प्रेस वार्ता-आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय-सच्चिदानंद उपासने

    Vinod GuptaJune 25, 202627 Views

    प्रेस वार्ता-आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय-सच्चिदानंद उपासने आरंग। भारत में 25 जून 1975…

    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    प्रधान संपादक एवं स्वामी : रेखराम साहू

    मोबाइल न. : 8236012223
    ईमेल : rekhraazmsmd@gmail.com
    वेबसाइट : www.khabarchhattisgarhnews.com

    कार्यालय : बीटीआई रोड पुराना मलेरिया ऑफिस के पास वार्ड नंबर 29, जिला महासमुंद पिन: 493445
    © 2026 ख़बर छत्तीसगढ़ न्यूज़. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.