जनपद उपाध्यक्ष ने अपने गृह ग्राम में हर्षोल्लास के साथ मनाया छेरछेरा का पर्व, पारंपरिक रूप से मांगी छेरछेरा

छत्तीसगढ़ के लोक पर्व छेरछेरा के अवसर पर शनिवार को चारों ओर उत्साह का माहौल रहा, जहाँ जनपद उपाध्यक्ष हुलसी जितेंद्र चंद्राकर जी ने अपने गृह ग्राम बेलसोंडा के ग्रामीणों के साथ इस उत्सव को बड़े ही धूमधाम से मनाया। सुबह से ही गाँव की गलियाँ “छेरछेरा, माई कोठी के धान ला हेर हेरा” के जयघोष से गुंजायमान रहीं। इस दौरान जनपद उपाध्यक्ष ने अपनी सादगी का परिचय देते हुए कंधे पर झोला लटकाकर घर-घर जाकर पारंपरिक रूप से अन्न का दान मांगा और बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया।

ग्रामीणों ने भी अपने जनप्रतिनिधि को अपने बीच पाकर गर्मजोशी से स्वागत किया और अपनी कोठियों से नया धान निकालकर दान किया। हुलसी जी बताया कि छेरछेरा का यह पर्व हमारी ‘दानशीलता’ और ‘अभिमान त्याग’ का प्रतीक है

जो हमें समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की प्रेरणा देता है। अपनी संस्कृति और मिट्टी से जुड़ाव ही हमारी असली पहचान है। साथ ही साथ में उन्होंने बच्चों , ग्रामवासियों को भी छेरछेरा में धान दान किए l

