जंगलबेड़ा सोलर प्लांट के विरोध में विधायक चातुरी नंद ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान
- धरना स्थल पहुंचकर किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और कांग्रेस पदाधिकारियों ने जताया समर्थन
सरायपाली, दिनांक 7 मार्च 2026 : महासमुंद जिले के सरायपाली तहसील अंतर्गत ग्राम जंगलबेड़ा में प्रस्तावित सोलर प्लांट परियोजना के विरोध में चल रहे जन आंदोलन को समर्थन देते हुए सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरी नंद ने ग्रामीणों के साथ मिलकर हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों की आपत्तियों एवं मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

विधायक चातुरी नंद ने कहा कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना किसी भी परियोजना का निर्माण कार्य प्रारंभ करना कानून और संविधान की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि जंगलबेड़ा क्षेत्र के किसान, ग्रामीण और आदिवासी अपनी जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन कर रहे हैं और उनकी मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं।
विधायक ने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को लगातार शासन और विधानसभा के मंच पर उठाती रहेंगी।
धरना स्थल पर पहुंचकर किसान कांग्रेस के महासमुंद जिलाध्यक्ष मानिक साहू तथा किसान कांग्रेस के समस्त ब्लॉक अध्यक्षों ने भी आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए धरने में भाग लिया और ग्रामीणों की मांगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना किसी भी कंपनी द्वारा भूमि पर कब्जा करना और निर्माण कार्य करना पूरी तरह गलत है और इसका विरोध लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
इस अवसर पर भंवरपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष घसिया सिदार, छुईपाली ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तन्मय पंडा, जनपद सदस्य पूजा तिवारी, महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव दीपांजलि बारीक, महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष हेमा श्रीवास, विधायक प्रतिनिधि भरत मेश्राम, दया चौहान, किसान कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष सरायपाली ग्रामीण दिलीप साहू, छुई पाली ब्लाक अध्यक्ष भगत राम पटेल, भंवरपुर ब्लाक अध्यक्ष फार्म पटेल, सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धरना स्थल पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे टेकचंद चौधरी, घासीराम चौहान सहित ग्राम जंगलबेड़ा और आसपास के गांवों के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे और उन्होंने एक स्वर में कहा कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का प्लांट निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विधायक चातुरी नंद ने कहा कि जंगलबेड़ा क्षेत्र के जलस्रोत, निस्तार भूमि और सार्वजनिक रास्तों को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि ग्रामीणों की भावनाओं और अधिकारों का सम्मान करते हुए परियोजना से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नियमों के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई की जाए।
हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी सहमति दर्ज कराते हुए आंदोलन को मजबूत समर्थन दिया और अपने गांव तथा प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
