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खल्लारी के विकास कार्यों के लिए उपसरपंच तारेश साहू ने सौंपा ज्ञापन।

खल्लारी के विकास कार्यों के लिए उपसरपंच तारेश साहू ने सौंपा ज्ञापन।

महासमुंद-दैवीय माता तीर्थ स्थल खल्लारी के जर्जर व बदहाल सड़क के चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण के साथ गौरव पथ निर्माण की मांग को लेकर खल्लारी के उप सरपंच व सामाजिक कार्यकर्ता तारेश साहू ने महासमुंद में सामाजिक कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव से मिलकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तारेश ने उप मुख्यमंत्री श्री साव को बताया है कि खल्लारी मातेश्वरी मंदिर खल्लारी की ओर जाने वाली महज दो किलो मीटर मार्ग की चाैड़ाई अन्य मार्गो से बहुत ही कम है। यह मार्ग नेशलन हाईवे क्रमांक 353 से जुड़ा हुआ है। इसका चाैड़ीकरण के साथ सौंदर्यीकरण किया जाना अति आवश्यक है। साथ ही नेशनल हाईवे क्रमांक 353 से खल्लारी प्रवेश द्वार होते हुये खल्लारी मेला स्थल और माता राऊर स्थित खल्लारी मंदिर तक सड़क मार्ग को भी गौरव पथ के रूप में व्यवस्थित कराने की अत्यंत जरूरत है। इस मार्ग के जर्जर व्यवस्था और बदहाली को सुधारने की मांग, चाैड़ीकरण और सड़क के बीचों – बीच डिवाइडर को फुलों के पौधों से सुसज्जित करने के साथ ही आकर्षक स्ट्रीट लाईट लगाने की मांग राज्य निर्माण के बाद से लगातार चल रही है। जो मांग अब तब पुरा नहीं हो सकी है। यह सड़क मार्ग राष्ट्रीय राज मार्ग क्रमांक 353 से होकर खल्लारी बस्ती की ओर जाता है। जहां माॅ खल्लारी की ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण मंदिर है। जिसमें एक मंदिर खल्लारी बस्ती में है। जिसे माता राऊर स्थित खल्लारी मातेश्वरी मंदिर के नाम से जाना जाता है। वहीं माॅ खल्लारी का महत्वपूर्ण व प्रसिद्ध मंदिर पहाड़ी ऊपर हैं। जो कि यह प्रमुख मंदिरों में से है। जिसके दर्शन के लिये पहाड़ी में नीचे सड़क मार्ग से 981 सिढ़ीयां या फिर रोपवे (उड़न खटोला/लिप्ट) के माध्यम से पहाड़ में चढ़ना पड़ता है। उल्लेखनीय है की इसके अलावा इस गांव में अनेक ऐतिहासिक मंदिर भी हैं। वहीं यहां एक छःमासी रात्रि में निर्मित भगवान जगन्नाथ स्वामी जी का ऐतिहासिक मंदिर है। इस ऐतिहासिक जगह की महत्ता को देखते हुए सड़क का पुनर्निर्माण आवश्यक है। ताकि, यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को भी इस दो किलोमीटर की सड़क का सफर आनंदित कर दें। उन्होंने मंत्री से शीघ्र स्वीकृति की मांग की है।

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