अग्रसेन योगासन शाखा में हर्षोल्लास से मना रक्षाबंधन उत्सव, सामाजिक समरसता और प्रकृति संरक्षण का लिया संकल्प
आरंग।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थानीय अग्रसेन योगासन शाखा (अग्रवाल पारा, आरंग) द्वारा श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर रक्षाबंधन उत्सव अत्यंत आत्मीयता एवं उत्साह के साथ मनाया गया।।कार्यक्रम की शुरुआत शाखा की नित्य दिनचर्या—योगासन, प्राणायाम और ध्यान—के पश्चात हुई। मुख्य अतिथि अविनाश साहू विक्की (अध्यक्ष, नगर साहू समाज, आरंग) एवं कार्यक्रम अध्यक्ष प्रदीप लोधी ने भारत माता, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार तथा माधव सदाशिवराव गोलवलकर ‘श्री गुरुजी’ के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण किया। इसके उपरांत संघ के गुरु भगवा ध्वज को रक्षासूत्र बांधकर उत्सव का शुभारंभ किया गया। अविनाश साहू ‘विक्की’ (मुख्य अतिथि): “आरएसएस ने विगत तीन वर्षों में क्षेत्र को सामाजिक समरसता के सूत्र में पिरोने का उल्लेखनीय कार्य किया है। शाखा व्यक्ति में सेवा, दया और संस्कारों का संचार करती है। प्रदीप लोधी (कार्यक्रम अध्यक्ष) ने श्रीकृष्ण और द्रौपदी के पावन प्रसंग का स्मरण कराते हुए रक्षाबंधन को निस्वार्थ रक्षा और त्याग का पर्व बताया।मुरारी लोधी (संघ कार्यवाह, आरंग) ने कहा कि “रक्षाबंधन हमें प्रकृति और पंचमहाभूतों की सुरक्षा का भी संदेश देता है। हमें देश की एकता और अखंडता की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए।दीपक साहेब गुरुगोस्वामी ने 1905 के बंग-भंग आंदोलन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए रक्षाबंधन के उपयोग का ऐतिहासिक उदाहरण दिया।।अभिनेष अग्रवाल ने राजा पुरु (पोरस) और सिकंदर की पत्नी रोक्साना के राखी प्रसंग का उल्लेख करते हुए वचन और न्यायप्रियता के महत्व को रेखांकित किया। जयशंकर यादव ने रक्षाबंधन को दो आत्माओं के अटूट विश्वास और स्नेह का पर्व बताया।इस अवसर पर शंकर पाल, गोपाल पाल, रविंद्र अग्रवाल, अमिताभ अग्रवाल, ओम गुप्ता, विनय पटेल, सूरज साहू, खोरबाहरा राम साहू, रामकुमार कंसारी एवं भैयाराम जायसवाल सहित अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अशोक कुमार ठाकुर ने किया तथा आभार प्रदर्शन बृजेश अग्रवाल द्वारा किया गया।
विनोद गुप्ता-आरंग



