मोहमेला में अवैध रेत उत्खनन का आरोप, दो साल से जारी कारोबार पर उठे सवाल-जांच और जवाबदेही की मांग
ग्रामीणों का दावा–रोजाना लाखों की रेत का कारोबार, कई लोगों की करोड़ों में कमाई की आशंका; शासन को राजस्व नुकसान और ग्रामीण सड़कें हो रहीं जर्जर
आरंग। विकासखंड आरंग की ग्राम पंचायत मोहमेला में महानदी से कथित अवैध रेत उत्खनन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पिछले करीब दो वर्षों से महानदी में बड़े पैमाने पर रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। इस पूरे कारोबार में ग्राम पंचायत की सरपंच और सरपंच पति की भूमिका पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, महानदी से रेत निकालने के लिए प्रतिदिन 5 से 6 जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं, करीब 80 से 100 हाईवा एवं अन्य भारी वाहनों के माध्यम से रेत का परिवहन और बिक्री किए जाने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों का अनुमान है कि इस कारोबार से प्रतिदिन लगभग 8 से 10 लाख रुपये का रेत कारोबार हो रहा है।
अवैध कारोबार से कई लोगों की करोड़ों में कमाई
ग्रामीणों का आरोप है कि इस कथित अवैध कारोबार से गांव के कुछ लोगों, सरपंच और सरपंच पति सहित इसमें शामिल अन्य लोगों को भारी आर्थिक लाभ हो रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि लंबे समय से जारी इस कारोबार के चलते संबंधित लोगों की करोड़ों रुपये की कमाई होने की आशंका है, जबकि शासन को मिलने वाले खनिज राजस्व का नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस गतिविधि को स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिल रहा है तथा कुछ राजनीतिक, प्रशासनिक एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की संभावित मिलीभगत की भी जांच होनी चाहिए।
सैकड़ों भारी वाहनों से ग्रामीण सड़कें जर्जर
रेत उत्खनन के साथ अब ग्रामीण सड़कों की स्थिति भी बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिदिन सैकड़ों हाईवा और अन्य भारी वाहनों के गुजरने से गांव की सड़कों पर लगातार दबाव पड़ रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही के चलते ग्रामीण सड़कों की हालत खस्ता होती जा रही है। सड़कें क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आये दिनों दुर्घटनाओं की संभावना बनी रही है। इसके बावजूद सड़क सुरक्षा, भारी वाहनों के संचालन और क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार को लेकर प्रशासन की ओर से अपेक्षित ध्यान नहीं दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।
रेत घाटों के ठेका विस्तार पर धनेंद्र साहू भी उठा चुके हैं सवाल
रेत खदानों के संचालन और ठेका अवधि बढ़ाए जाने को लेकर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनेंद्र साहू भी पूर्व में सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने क्षेत्र के कई रेत घाटों के ठेके को तीन वर्ष के लिए बढ़ाए जाने से शासन को संभावित आर्थिक नुकसान होने की बात कही थी। ऐसे में मोहमेला में कथित अवैध उत्खनन का मामला भी रेत खनन व्यवस्था, ठेका प्रक्रिया और खनिज विभाग की निगरानी पर सवाल खड़े करता है। यह जांच का विषय है कि क्षेत्र में स्वीकृत खदानों की सीमाओं, ठेका शर्तों और रॉयल्टी संबंधी नियमों का कितना पालन हो रहा है।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों के मुताबिक, मोहमेला में कथित अवैध रेत उत्खनन की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी की गई है। इसके बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीणों ने खनिज विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जांच और जवाबदेही की मांग
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि महानदी में पिछले दो वर्षों से बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन हो रहा है तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? प्रतिदिन सैकड़ों भारी वाहनों की आवाजाही के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग से मौके पर जांच, उत्खनन की वास्तविक मात्रा का आकलन, रॉयल्टी और परिवहन दस्तावेजों की जांच तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। साथ ही भारी वाहनों से क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की मरम्मत कराने की भी मांग उठाई है।
विनोद गुप्ता-आरंग



