श्री नेत्रम नेत्रालय का भव्य शुभारम्भ-नगर पालिका परिषद आरंग के अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने काटा फीता
आरंग। नगर में अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाओं से युक्त श्री नेत्रम नेत्रालय का भव्य शुभारम्भ नगर पालिका परिषद आरंग के अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन के करकमलों से फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों ने नेत्रालय के शुभारम्भ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे आरंग क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा बताया।शुभारम्भ अवसर पर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने कहा कि आरंग शहर में अब तक नेत्र रोगों के उपचार एवं ऑपरेशन के लिए विशेष नेत्र अस्पताल की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण मरीजों को रायपुर जाना पड़ता था। श्री नेत्रम नेत्रालय के खुलने से आरंग एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी लाभ मिलेगा तथा उन्हें बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी।
नेत्रालय की संचालक एवं नेत्र सर्जन डॉ. नेहा सिंह ने बताया कि मरीजों को बेहतर, आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा कम खर्च में उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि श्री नेत्रम नेत्रालय में आधुनिक उपकरणों के माध्यम से कम्प्यूटर द्वारा आंखों की जांच, विभिन्न प्रकार के नेत्र ऑपरेशन, बच्चों की आंखों की जांच एवं उपचार, आंखों की विभिन्न बीमारियों का उपचार, ग्लूकोमा सहित नेत्र रोगों की जांच एवं उपचार, आंख में चोट लगने पर उपचार, मुड़ी हुई आंखों एवं पलकों से संबंधित समस्याओं का उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।इसके साथ ही नेत्रालय परिसर में चश्मे एवं दृष्टि संबंधी आवश्यकताओं के लिए चश्मा शॉप की भी सुविधा उपलब्ध है।
इस अवसर पर भाजपा महामंत्री राकेश सोनकर, नेत्र सर्जन डॉ नेहा सिंह, डॉ अनिल, डॉ मंजूषा, डॉ मोनिका, डॉ अनिल गुप्ता, डॉ मुकेश नाग, डॉ चंद्रकांत ध्रुव, डॉ अभिनव, डॉ नंदकिशोर, सालिक नौरंगे, संजय चंद्राकर, उमेश गोतमारे, अवधेश यादव, महेश चंद्रकांर, अरविन्द, बेदराम चतुर्वेदी, देवेंद्र मनहरे, नीलम नौरंगे, लखेश्वर मिरि, अश्वनी ढीढी, कमल चंद्राकर, मोहित बर्मन, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सभी ने श्री नेत्रम नेत्रालय के संचालक एवं चिकित्सकों को शुभारम्भ की बधाई देते हुए आरंग क्षेत्र की जनता के लिए इसे एक उपयोगी एवं महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा बताया।
विनोद गुप्ता-आरंग

