बच्चों को सुरक्षा का पाठ-माताओं को स्तनपान का दिया संदेश
आरंग।महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर एवं परियोजना अधिकारी दीप्ती शुक्ला के मार्गदर्शन में भानसोज सेक्टर के अंतर्गत ग्राम नारा में बच्चों की सुरक्षा एवं माताओं-शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बाल संरक्षण टीम के सामाजिक कार्यकर्ता गोरखनाथ पटेल ने प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।कार्यक्रम में बच्चों को गुड टच-बैड टच, साइबर क्राइम से बचाव, बाल तस्करी, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन एवं पुलिस सहायता नंबर सहित संकट की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया। बच्चों को समझाया गया कि किसी अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन या प्रत्यक्ष रूप से संपर्क करते समय किन सावधानियों का पालन करना चाहिए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल अभिभावक, शिक्षक अथवा संबंधित हेल्पलाइन को देनी चाहिए।जागरूकता सत्र के बाद बच्चों के बीच रैपिड फायर प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। बाल सुरक्षा और कार्यक्रम में दी गई जानकारी से संबंधित सवालों पर बच्चों ने उत्साहपूर्वक जवाब दिए। सर्वाधिक सही उत्तर देने वाले बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को मनोरंजक तरीके से सुरक्षा संबंधी जरूरी जानकारियां याद कराई गईं।इसी क्रम में ग्राम नारा के आंगनबाड़ी केंद्र में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें माताओं को शिशु के लिए स्तनपान के महत्व की जानकारी देते हुए जन्म के बाद शुरुआती अवधि से लेकर छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में स्वस्थ शिशुओं की माताओं का सम्मान कर उन्हें उपहार भेंट किए गए। माताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह उन्होंने पौष्टिक आहार में दाल, स्थानीय सब्जियां, भाजियां एवं आंगनबाड़ी से मिलने वाले रेडी-टू-ईट आहार का सेवन कर अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखा और साथ ही अपने शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित स्तनपान कराया।माताओं ने गर्भावस्था एवं प्रसव के बाद आने वाली परेशानियों और चुनौतियों के अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम में उन्हें बताया गया कि मां का संतुलित एवं पौष्टिक आहार सीधे तौर पर उसके स्वास्थ्य और शिशु के विकास से जुड़ा है। इसलिए माताओं को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देने के साथ शिशु की नियमित देखभाल के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक एवं भानसोज सेक्टर प्रभारी ऋतु परिहार ने भी माताओं एवं बच्चों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने तथा बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण, हिंसा अथवा ऑनलाइन खतरे से बचाने के लिए परिवार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।कार्यक्रम में सरपंच मीना जांगड़े, एचएम बांधे मैडम और विद्यालय का समस्त स्टाफ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बाल संरक्षण टीम के सदस्य एवं बड़ी संख्या में माताएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ माताओं को शिशु के स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करना रहा।
विनोद गुप्ता-आरंग



