नई पहल-आज 29 जुलाई को गुरुपूर्णिमा के दिन राधाकृष्ण संस्कृत पाठशाला का होगा शुभारंभ
आरंग।आज गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर राधाकृष्ण मंदिर ट्रस्ट, आरंग द्वारा संस्कृत, भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राधाकृष्ण संस्कृत पाठशाला का शुभारंभ किया जा रहा है। आज 29 जुलाई 2026 बुधवार को सायं 04 बजे राधाकृष्ण मंदिर परिसर, आरंग में आयोजित एक समारोह में इसका विधिवत शुभारम्भ किया जायेगा।ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मिडिया से चर्चा करते हुए बताया कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा और आध्यात्मिक विरासत की आत्मा है। वर्तमान समय में नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा उनमें नैतिक एवं आध्यात्मिक संस्कार विकसित करने के उद्देश्य से इस पाठशाला की शुरुआत की जा रही है।पाठशाला में विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति तथा नैतिक एवं आध्यात्मिक संस्कारों की शिक्षा निःशुल्क प्रदान की जाएगी। ट्रस्ट का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में भारतीय परंपराओं, धार्मिक मूल्यों तथा संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ना और उन्हें अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना है।ट्रस्ट ने नगर एवं आसपास के क्षेत्र के अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को इस पाठशाला से जोड़कर उन्हें भारतीय संस्कृति की अमूल्य विरासत से परिचित कराएं। उनका कहना है कि संस्कृत का अध्ययन न केवल भाषा ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों केविकास और आध्यात्मिक चेतना को भी मजबूत करता है। ट्रस्ट ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से गुरुपूर्णिमा के इस शुभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित होकर संस्कृत एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण के इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की है। कार्यक्रम का मूल संदेश है-संस्कृत सीखें, संस्कृति अपनाएँ और संस्कारों से जीवन सजाएँ।
विनोद गुप्ता-आरंग

