प्रशासनिक सख्ती का परिणाम-गबन मामले में गिरफ्तारी वारंट के बाद इस पूर्व सरपंच ने भी जमा की राशि
आरंग। ग्राम पंचायत नकटा के पूर्व सरपंच गोपाल चतुर्वेदी के खिलाफ शासकीय राशि गबन के मामले में जारी गिरफ्तारी वारंट के बाद नया घटनाक्रम सामने आया है। सिविल जेल भेजे जाने की कार्रवाई की आशंका के बीच पूर्व सरपंच ने वारंट में निर्धारित अवधि को देखते हुए बकाया राशि 18 लाख 23 हजार 880 रुपये जमा कर दिए, जिससे उनकी गिरफ्तारी टल गई है।जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 92 के तहत दर्ज प्रकरण में पूर्व सरपंच पर ग्राम पंचायत की 18 लाख 23 हजार 880 रुपये की शासकीय लोक राशि दबाकर रखने का आरोप था। इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अभिलाषा पैकरा एवं विहित प्राधिकारी, आरंग के न्यायालय ने राशि की वसूली के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर न्यायालय ने धारा 92(2) के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए अधिकतम 30 दिनों के लिए सिविल जेल भेजने के आदेश दिए थे।न्यायालय के आदेश के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही पूर्व सरपंच ने 18 लाख 23 हजार 880 रुपये शासकीय खाते में जमा कर दिए। राशि जमा होने के कारण गिरफ्तारी की कार्रवाई टल गई है। SDM अभिलाषा पैकरा ने मीडिया से चर्चा करते हुये कहा कि प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि शासकीय धन के दुरुपयोग अथवा गबन के मामलों में नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा दोषियों से राशि की वसूली सुनिश्चित की जाएगी।
विनोद गुप्ता-आरंग




