फीस वृद्धि शिक्षा और जनविरोधी नीति का प्रतीक-सरकार गरीबों पर डाल रही अतिरिक्त बोझ–डॉ. शिवकुमार डहरिया
आरंग। छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्रदेश में स्कूल फीस वृद्धि और शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक विज्ञप्ति जारी करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की नींव होती है, लेकिन सरकार की नीतियां आम जनता, विशेषकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही हैं।डॉ. डहरिया ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकारी स्कूलों में फर्नीचर की कमी, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर फीस में भारी बढ़ोतरी कर अभिभावकों की मुश्किलें और बढ़ा दी गई हैं। उनका कहना है कि कई स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दावा खोखला साबित हो रहा है।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार शिक्षा को सुलभ बनाने के बजाय महंगी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
विनोद गुप्ता-आरंग



