छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ का प्रांतीय अधिवेशन सम्पन्न-राष्ट्र हित, शिक्षा हित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित पर हुआ मंथन…

आरंग।छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के दो दिवसीय प्रांत स्तरीय शिक्षक सम्मेलन में LB शिक्षक संवर्ग की प्रमुख मांग प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना किए जाने हेतु मांग पत्र वित्त मंत्री को सौंपा गया।छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रांतीय प्रवक्ता ओंकार प्रसाद वर्मा एवं जिलाध्यक्ष मनीष देवांगन ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने अपने गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आयोजित दो दिवसीय प्रांत स्तरीय शिक्षक सम्मेलन एवं शैक्षिक संगोष्ठी का भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। नगर निगम रायगढ़ के ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मेलन में राष्ट्रहित, शिक्षाहित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। समापन कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप मे दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस वैचारिक कुंभ में कलम की शक्ति एवं संगठन की भक्ति का प्रमाण देने के लिए प्रदेश के समस्त 33 जिले जिसमें प्रदेश के सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम सहित छत्तीसगढ़ के दूर-दराज के अंचलों से बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि शामिल हुए।सम्मेलन के प्रथम दिवस राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका विषय पर वक्ता के रूप में नारायण नामदेव सह प्रांत प्रचारक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ छत्तीसगढ़ प्रांत तत्पश्चात राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 विषय पर वक्ता के रूप में श्री आलोक शर्मा सेवानिवृत्त प्राध्यापक शिक्षा महाविद्यालय रायपुर एवं बौद्धिक विषय के अंतर्गत समाज और राष्ट्र निर्माण में पंच परिवर्तन विषय पर वक्ता के रूप में गोपाल यादव सह प्रांत कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ छत्तीसगढ़ प्रांत की गरिमामयी उपस्थिति रही।सम्मेलन के द्वितीय दिवस के मुख्य अतिथि प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य शिक्षा से ही बदलता है और शिक्षा की गुणवत्ता का सीधा संबंध शिक्षक की सोच, संस्कार और नवाचार से होता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक भारत की सबसे बड़ी ताकत यह है कि एक सामान्य परिवार का बच्चा भी शिक्षा के बल पर सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकता है। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विषय पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र का निर्माता होता है। शिक्षक के भीतर पालक भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संस्कार और राष्ट्र के प्रति समर्पण विकसित करती है।वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि आज शिक्षा व्यवस्था में भवन, संसाधन और योजनाओं की उपलब्धता बढ़ी है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती गुणवत्ता, नवाचार और मूल्य आधारित शिक्षा की है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के परिवेश में पूर्व की भांति सरकारी स्कूलों के प्रति समाज का झुकाव एवं विश्वास को पुनः मजबूत करने की आवश्यकता है, जिसमें शिक्षकों की महती भूमिका होती है। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ की ओर से रायगढ़ में शिक्षक सदन की मांग पर वित्त मंत्री ने विधायक निधि से 20 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा करते हुए कहा कि शिक्षक संघ के लिए स्थायी और सशक्त आधार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिक्षक संघ द्वारा उठाए गए विषयों को मेरी ओर से सरकार के समक्ष सकारात्मक रूप से रखा जाएगा।विशिष्ठ अतिथि के रूप में आशिन महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की महिला नेत्री सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को शिक्षित ही नहीं करते बल्कि उन्हें जीवन के उतार-चढ़ाव से लड़ने योग्य भी बनाते हैं। अतः अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों, गुणवत्ता और नवाचार पर केंद्रित यह सम्मेलन वास्तव में प्रशंसनीय है। विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित नगर निगम रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि शिक्षक समाज के ज्ञान स्तंभ हैं। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन पर शिक्षक संघ को बधाई देते हुए सभी अतिथियों एवं गुरुजनों का अभिनंदन किया।सम्मेलन के दौरान राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका, नवाचार एवं सामाजिक परिवर्तन, शिक्षकों के उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रदेश के शिक्षकों की मूलभूत समस्याओं से संबंधित एक मांग-पत्र भी वित्त मंत्री को सौंपा गया। मंच से शिक्षक संघ रायगढ़ एवं सक्ति द्वारा प्रकाशित वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने अपनी गरिमामय उपस्थिति देने के साथ ही विभिन्न सत्रों में निर्धारित चर्चा-परिचर्चा में सहभागिता प्रदान की। इस अवसर पर नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, अरुणधर दिवान, स्थानीय जनप्रतिनिधि गण, गणमान्य नागरिक, शिक्षक संघ के प्रांतीय, संभागीय एवं जिला, तहसील एवं विकास खण्ड के पदाधिकारियों में ओंकार सिंह ठाकुर, संजय ठाकुर, मनोज राय, डॉ. आलोक शर्मा, गोपाल यादव, आशीष रंगारी, मनीष देवांगन रायपुर जिला अध्यक्ष,सुनील नायक, ज्ञानेश्वर वर्मा, मोहित वर्मा, अवध वर्मा, गोविन्द वर्मा तिल्दा विकासखंड से देवेंद्र सिंह ठाकुर, प्रकाश चंद गिलहरे, युधिष्ठिर बुडेक, ललित शर्मा, नरेश वर्मा, संजय वर्मा धरसीवां ईकाई से नंदूराम निषाद, राजकुमार साहू, लेखराम साहू, पूनम चन्द्र वर्मा, उत्तरा कुमार पटेल सहित संघ के हजारों की संख्या में सदस्यगण उपस्थित हुए।
विनोद गुप्ता-आरंग


