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83 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रधान पाठक पहुंचे अपने पुराने स्कूल-बच्चों को दिया ‘संस्कार और राष्ट्रवाद’ का मंत्र

83 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रधान पाठक पहुंचे अपने पुराने स्कूल-बच्चों को दिया ‘संस्कार और राष्ट्रवाद’ का मंत्र

आरंग। शासकीय प्राथमिक शाला गुखेरा में आज उस समय एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला जब विद्यालय के पूर्व सहायक शिक्षक और सेवानिवृत्त प्रधान पाठक बिसौहा प्रसाद शर्मा दशकों बाद पुनः उसी प्रांगण में कदम रखने पहुंचे। 1961 में इसी शाला से अपने करियर की शुरुआत करने वाले 83 वर्षीय शर्मा ने न केवल अपनी पुरानी यादें ताजा कीं, बल्कि नई पीढ़ी के नन्हे-मुन्नों में ऊर्जा का संचार भी किया।विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वयोवृद्ध शर्मा ने जीवन में नवाचार के साथ ‘संस्कार’ के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपनों से बड़ों को हमेशा प्रणाम करे और आशीर्वाद ले क्योंकि बड़ों का आशीष शुभ फलदायी होता है।उन्होंने बच्चों को देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पदचिह्नों पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आज के बच्चों में ही कल का सशक्त भारत बसता है।60 साल पहले के अपने कार्यस्थल पर बच्चों के बीच खुद को पाकर शर्मा भावुक हो उठे, उन्होंने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों की मुस्कुराहट और इस माहौल को देखकर उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उनकी उम्र और बढ़ जाएगी। यह पल उनके और विद्यालय परिवार, दोनों के लिए बेहद यादगार रहा। पूर्व गुरुजी के सम्मान में स्कूली बच्चों ने भी उत्साह दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और शैक्षिक नारे बुलंद करते हुवे गीत एवं कविता भी सुनाए इस अवसर पर संकुल समन्वयक हरीश दीवान,प्रधान पाठक गण अरविंद वैष्णव,के के साहू,शिक्षक गण रामनारायण कन्नौजे,नोहर लाल यादव, घनश्याम साहू,विमला चौहान, फातिमा जांगड़े की सहभागिता रही।
विनोद गुप्ता-आरंग

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