05 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ पूर्णाहुति के साथ सम्पन्न-जीवन में नैतिकता, सदाचार और सेवा भाव अपनाने का लिया संकल्प

आरंग। परम वंदनीया भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष (1926–2026) के उपलक्ष्य में ग्राम कुकरा में आयोजित तीन दिवसीय 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ रविवार को पूर्णाहुति एवं टोली विदाई के साथ श्रद्धा एवं भक्ति भाव से सम्पन्न हुआ। आयोजन अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के मार्गदर्शन में बाजार चौक स्थित गायत्री मंदिर प्रांगण में किया गया।समापन दिवस की शुरुआत प्रातः सामूहिक जप, ध्यान एवं प्रज्ञायोग व्यायाम से हुई। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं विविध संस्कार सम्पन्न कराए गए। यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर परिवार, समाज एवं विश्व कल्याण की कामना की।पूर्णाहुति के अवसर पर पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने यज्ञ की दिव्य ऊर्जा को आत्मसात करते हुए जीवन में नैतिकता, सदाचार और सेवा भाव अपनाने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान प्रज्ञा पुराण कथा एवं आध्यात्मिक प्रवचनों ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया।गायत्री यज्ञ संचालन समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से संपन्न इस महायज्ञ में क्षेत्रभर से धर्मप्रेमी जन शामिल हुए। समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक जागरण एवं नैतिक मूल्यों के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।पूर्णाहुति के साथ तीन दिवसीय यह आयोजन भक्तिमय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
विनोद गुप्ता-आरंग

