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वर्ष 2026 का पहला चंद्रग्रहण-प्राकृतिक आपदाओं की आशंका-आइये जाने विविध राशियों पर ग्रहण का कैसा रहेगा प्रभाव

वर्ष 2026 का पहला चंद्रग्रहण-प्राकृतिक आपदाओं की आशंका-आइये जाने विविध राशियों पर ग्रहण का कैसा रहेगा प्रभाव

आरंग। ज्योतिषाचार्य पं.अजीत कमलनारायण शर्मा ने बताया कि यह इस वर्ष का प्रथम तथा विक्रम संवत2082 का अंतिम चंद्रग्रहण है।यह खंडग्रास चंद्रग्रहण फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा दि.03-03-26 मंगलवार के दिन होगी जब चंद्र पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में सिंह राशि मे केतु के साथ विराजमान होंगे।
ग्रहण का सूतक काल(रायपुर दृक गणना अनुसार)3 मार्च को प्रातः 09:07 से आरंभ होगा,ग्रहण स्पर्श सायं 06:07 पर चन्द्रोदय के साथ और मोक्ष सायं 06:47 पर होगा।ग्रासमान की पूर्ण अवधि 40 मिनट की होगी।यह भारत में दृश्य एवं मान्य होगा।भारत में दृश्य होने के कारण सभी मंदिर देवालय भी सूतक के कारण पट बन्द होंगे।विविध राशियों पर ग्रहण का प्रभावग्रहों की स्थिति के अनुसार यह ग्रहण मेष-चिंता,वृषभ-कलह,वृश्चिक- यश,मिथुन तुला और मीन को सुख एवं लाभ,कर्क सिंह और कन्या को हानि एवं घात,धनु को मानहानि,मकर और कुम्भ को कष्ट होगा।ध्यान देने योग्य यह है कि ग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र तथा सिंह राशि में हो रहा है, अतः इस नक्षत्र एवं राशि के जातकों को ग्रस्तोदय ग्रहण का विशेष रूप से अशुभ एवं कष्टकारी होगा।जिस राशि के लिए ग्रहण का फल अशुभ कहा गया है, उसे यथाशक्ति जप-पाठ, ग्रह-राशि (चन्द्रमा एवं राशिस्वामी सूर्य की) एवं दानादि द्वारा अशुभ प्रभाव को क्षीण किया जाता है। इसके अतिरिक्त ग्रहण उपरान्त औषधि स्रान करने से भी अनिष्ट की शान्ति होती है। जिस राशि में ग्रहण होता है उस राशि वाले को उपाय अवश्य करना चाहिए।प्राकृतिक आपदाओं की आशंका-आचार्य अजीत अनुसार चंद्र ग्रहण की वजह से प्राकृतिक आपदाओं का समय से ज्यादा प्रकोप देखने को मिलेगा। इसमें भूकंप, बाढ़, सुनामी, विमान दुर्घटनाएं का संकेत मिल रहे हैं।प्राकृतिक आपदा में जनहानि कम ही होने की संभावना है।फिल्म एवं राजनीति से दुखद समाचार मिल सकता है। व्यापार में तेजी आएगी। बीमारियों में कमी आएगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आय में इजाफा होगा। वायुयान दुर्घटना होने की संभावना। पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल उच्च होगा तथा आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा होंगे। सत्ता संगठन में बदलाव होंगे। पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जायेगा। आंदोलन, हिंसा, धरना प्रदर्शन हड़ताल, बैंक घोटाला, उपद्रव और आगजनी की स्थितियां बन सकती है।
विनोद गुप्ता-आरंग

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