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धान उपार्जन केंद्र में 40 हजार क्विंटल से अधिक धान खुले आसमान के नीचे-परिवहन की धीमी प्रक्रिया बना आफत

धान उपार्जन केंद्र में 40 हजार क्विंटल से अधिक धान खुले आसमान के नीचे-परिवहन की धीमी प्रक्रिया बना आफत

आरंग। जिला सहकारी बैंक चंदखुरी के अंतर्गत नारा धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी के बाद परिवहन की सुस्त रफ्तार अब चिंता का विषय बनती जा रही है। 9 जनवरी तक केंद्र में कुल 48,100 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसमें सरना धान 47,546 क्विंटल, मोटा धान 522 क्विंटल तथा पतला धान मात्र 31 क्विंटल शामिल है।खरीदी के मुकाबले परिवहन की स्थिति बेहद कमजोर नजर आ रही है। अब तक केवल 7,692 क्विंटल सरना धान और 360 क्विंटल मोटा धान का ही परिवहन हो सका है। इस प्रकार कुल मिलाकर मात्र 8,052 क्विंटल धान ही गोदामों तक पहुंच पाया है, जबकि 40,048 क्विंटल धान उपार्जन केंद्र में खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है।खुले में रखे धान को लेकर किसानों में नुकसान की आशंका बढ़ती जा रही है। मौसम में बदलाव या अचानक बारिश की स्थिति में धान खराब होने का खतरा बना हुआ है, जिसका सीधा असर किसानों और शासन दोनों पर पड़ सकता है।इस संबंध में सोसायटी के प्राधिकृत अध्यक्ष त्रिलोचन साहू ने कहा कि धान खरीदी का कार्य नियमानुसार किया गया है, लेकिन परिवहन की धीमी प्रक्रिया हमारे नियंत्रण से बाहर है। संबंधित एजेंसियों को बार-बार अवगत कराया जा रहा है। हमारी प्राथमिकता है कि किसानों का धान सुरक्षित रहे और शीघ्र परिवहन हो। उम्मीद है कि जल्द ही परिवहन व्यवस्था में तेजी आएगी।हालांकि प्रशासनिक दावों के बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि हजारों क्विंटल धान खुले में पड़ा हुआ है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार विभाग कब तक परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त कर किसानों की मेहनत को सुरक्षित कर पाते है।
विनोद गुप्ता-आरंग

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