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जिला पंचायत रायपुर की सामान्य सभा की बैठक-एग्रिस्टेक पंजीयन तिथि बढ़ाने की मांग के साथ स्वास्थ विभाग की लापरवाही पर इन्होंने जताई नाराजगी

जिला पंचायत रायपुर की सामान्य सभा की बैठक-एग्रिस्टेक पंजीयन तिथि बढ़ाने की मांग के साथ स्वास्थ विभाग की लापरवाही पर इन्होंने जताई नाराजगी

आरंग। आगामी खरीफ सीजन में किसानों को धान बिक्री सहित अन्य योजनाओं का लाभ सहजता से मिल सके, इसके लिए जिला पंचायत रायपुर की सामान्य सभा की बैठक में जिला पंचायत सदस्य वतन चन्द्राकर ने एग्रिस्टेक पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग प्रमुखता से रखी उन्होंने आगे कहा कि बड़ी संख्या में किसान अभी भी पंजीयन नहीं करा पाए हैं। यदि अंतिम तिथि में विस्तार नहीं किया गया तो किसानों को धान बिक्री केंद्रों पर कठिनाई का सामना करना पड़ेगा और वे सरकारी योजनाओं से वंचित हो सकते हैं।वतन चन्द्राकर ने अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि किसानों की सुविधा और व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए पंजीयन तिथि में बढ़ोतरी की जाए, ताकि प्रत्येक किसान अपना नाम दर्ज कराकर शासन की सभी योजनाओं का लाभ ले सके।सभा में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी इस मांग का समर्थन किया और कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता में रखते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। इस प्रस्ताव से किसानों में उम्मीद जगी है कि शासन द्वारा पंजीयन की समय-सीमा बढ़ाई जाएगी और उन्हें आने वाले सीजन में किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।आगामी मुद्दे पर चर्चा करते हुए वतन चन्द्राकर ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर जमकर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि पिछली बैठक में ही अस्पतालों को आयुष्मान कार्ड से इलाज अनिवार्य करने और इलाज की रेट लिस्ट प्रदर्शित करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब तक अमल नहीं हुआ।उन्होंने चेतावनी दी कि गरीब मरीजों से मनमानी वसूली करने वाले और आयुष्मान कार्ड से इलाज से इनकार करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि रेट लिस्ट न लगाने और कार्ड से इलाज मना करने वाले अस्पतालों पर ठोस कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही साथ शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में जिले के हाई व हायर सेकंडरी स्कूलों में लंबे समय से रिक्त पड़े 222 पदों को शीघ्र भरने का निर्णय लिया गया।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। कई विद्यालयों में नियमित कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। इस समस्या के समाधान हेतु सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर तत्काल निविदा जारी कर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने का आग्रह किया गया जनप्रतिनिधियों ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक होना अनिवार्य है। यदि समय रहते रिक्त पद नहीं भरे गए, तो विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा।बैठक में यह भी तय हुआ कि संबंधित विभाग को जल्द ही कार्यवाही के लिए पत्र प्रेषित किया जाएगा और नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी व त्वरित गति से पूर्ण कराया जाएगा।शिक्षा प्रेमियों और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि जिले के विद्यार्थियों को अब बेहतर शैक्षिक माहौल मिलेगा।
विनोद गुप्ता-आरंग

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