गीता हवन, कपिला तर्पण के साथ श्रीमद्भागवत कथा का हुआ भावपूर्ण विश्राम

आरंग। आरंग क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भोथली में महिला समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के तत्वाधान में 25 दिसंबर से प्रारंभ हुई 9 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ समापन हुआ। कथा विश्राम अवसर पर विधि-विधान से गीता हवन, कपिला तर्पण एवं पूर्णाहुति संपन्न कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।कथा व्यास पं. चंद्रेश अशोक पांडे (गुल्लू) आरंग ने समापन प्रसंग में श्रीमद्भागवत के मूल संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को सही मार्ग की ओर ले जाने वाली दिव्य धारा है। उन्होंने भक्ति, सेवा, सदाचार और प्रेम को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को जीने की कला सिखाती हैं। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण, ध्रुव, प्रह्लाद, सुदामा एवं गोवर्धन पूजा जैसे प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे।विश्राम दिवस पर प्रातः गीता हवन का आयोजन किया गया, जिसमें मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी गईं। तत्पश्चात पिला तर्पण कर कथा का विधिवत समापन किया गया। हवन एवं तर्पण के दौरान ग्राम में सुख-समृद्धि, शांति और सद्भाव की कामना की गई। आयोजन स्थल पर भक्ति संगीत, आरती और जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।कार्यक्रम में महिला समिति की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। समिति सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा तक पूरी निष्ठा से दायित्व निभाया। ग्रामवासियों ने भी कथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया। समापन अवसर पर आयोजकों की ओर से कथा व्यास का शाल-श्रीफल से सम्मान किया गया।कथा समापन के पश्चात महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें ग्रामीणों सहित आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को लेकर ग्राम भोथली में उत्साह और आध्यात्मिक आनंद का माहौल बना रहा। इस अवसर पर जनपद सदस्य प्रीतम कुमार साहू सरपंच भेषण (गोविंदा)साहू,समूह की महिलाओं ने ऐसे धार्मिक आयोजनों को समाज में संस्कार, एकता और सद्भाव बढ़ाने वाला बताते हुए भविष्य में भी निरंतर आयोजन की इच्छा व्यक्त की।
विनोद गुप्ता-आरंग

