Close Menu
Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    What's Hot

    स्काउट्स/गाइड्स द्वारा मीठा जल सेवा का शुभारंभ.

    April 17, 2026

    अपनी इन मांगो को लेकर निजी विद्यालयों का असहयोग आंदोलन शुरू-प्राचार्यों एवं शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर किया कार्य-कल स्कुल रहेगा बंद

    April 17, 2026

    एनओसी के बदले 4 लाख की रिश्वत मांगने वाला बेमचा सरपंच ACB ट्रैप में गिरफ्तार

    April 17, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, April 18
    • बड़ी खबर
    • देश-विदेश
    • छत्तीसगढ़
    • महासमुंद
    • मोर किस्सा कहानी
    • राजनीति
    • आप की खबर
    • क्राइम
    • छग जनसंपर्क विभाग
    • अन्य
      • बॉलीवुड
      • क्रिकेट
      • स्वास्थ्य
      • जॉब-एजुकेशन
      • लाइफस्टाइल
      • योजनाएं
    Khabar Chhattisgarh NewsKhabar Chhattisgarh News
    Home»Blog»अब उम्र नहीं रही ढाल, युवाओं को जकड़ रहा बीपी-शुगर
    Blog

    अब उम्र नहीं रही ढाल, युवाओं को जकड़ रहा बीपी-शुगर

    Rekhraaz SahuBy Rekhraaz SahuJanuary 24, 2026
    Share Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    बदलती जीवनशैली से बढ़ रहा बीपी-शुगर का खतरा, युवा भी चपेट में


    तेजी से बदलती जीवनशैली अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। कभी बुजुर्गों की बीमारी मानी जाने वाली ब्लड प्रेशर और डायबिटीज अब युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों में 25 से 40 वर्ष की उम्र के लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
    चिकित्सकों के अनुसार, फास्ट फूड, शारीरिक श्रम की कमी, मोबाइल और स्क्रीन टाइम का बढ़ता उपयोग, अनियमित नींद और मानसिक तनाव इसकी प्रमुख वजह हैं। कई मामलों में मरीजों को तब पता चलता है, जब स्थिति गंभीर हो चुकी होती है।


    डॉक्टरों की राय
    एक चिकित्सक ने बताया कि
    “पहले बीपी और शुगर के मरीज अधिकतर 50 वर्ष से ऊपर होते थे, लेकिन अब 30 साल के युवा भी नियमित दवा पर आ चुके हैं। समय पर जांच नहीं होने से खतरा और बढ़ जाता है।”


    लक्षणों को न करें नजरअंदाज
    विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार सिरदर्द, चक्कर आना, थकान, ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना और वजन तेजी से घटना जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।


    ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी
    ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं सीमित होने के कारण लोग बीमारी को हल्के में लेते हैं। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण नहीं होने से बीपी और शुगर लंबे समय तक अनियंत्रित रहती है, जिससे हार्ट अटैक, किडनी फेल और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।


    बचाव ही है सबसे बेहतर उपाय
    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार,
    रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना
    संतुलित व कम नमक-शक्कर वाला आहार
    तनाव से दूरी और पूरी नींद
    साल में कम से कम एक बार बीपी-शुगर जांच
    अपनाकर इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।
    जरूरत है समय रहते चेतने की


    स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता अभियान चलाए जाने की जरूरत है, ताकि युवा वर्ग समय रहते सतर्क हो सके और गंभीर बीमारियों से बचा जा सके।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Rekhraaz Sahu

    Related Posts

    स्काउट्स/गाइड्स द्वारा मीठा जल सेवा का शुभारंभ.

    April 17, 2026

    अपनी इन मांगो को लेकर निजी विद्यालयों का असहयोग आंदोलन शुरू-प्राचार्यों एवं शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर किया कार्य-कल स्कुल रहेगा बंद

    April 17, 2026

    एनओसी के बदले 4 लाख की रिश्वत मांगने वाला बेमचा सरपंच ACB ट्रैप में गिरफ्तार

    April 17, 2026
    ज़रूर पढ़ें

    स्काउट्स/गाइड्स द्वारा मीठा जल सेवा का शुभारंभ.

    Vinod GuptaApril 17, 2026

    स्काउट्स/गाइड्स द्वारा मीठा जल सेवा का शुभारंभ. आरंग।भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ रायपुर के…

    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    प्रधान संपादक एवं स्वामी : रेखराम साहू

    मोबाइल न. : 8236012223
    ईमेल : rekhraazmsmd@gmail.com
    वेबसाइट : www.khabarchhattisgarhnews.com

    कार्यालय : बीटीआई रोड पुराना मलेरिया ऑफिस के पास वार्ड नंबर 29, जिला महासमुंद पिन: 493445
    © 2026 ख़बर छत्तीसगढ़ न्यूज़. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms & Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.